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भारत का दंगानामा

नमस्कार दोस्तों कैसे हो आप सभी लोग, आशा है सभी अच्छे से अपने कार्य में व्यस्त हैं और अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं| काफी कुछ बातें मेरे दिमाग में चल रही हैं, इस पोस्ट में वो सभी बातें बताने की कोशिश करूंगा| अगर आपके पास थोड़ा समय खाली है तो ही पढ़ने की शुरुआत करें क्योंकि मुझे नहीं पता आज कितनी लम्बी बातें होंगी| अपनी स्वाभाविक भाषा के माध्यम से में शुरुआत करूंगा तो जरूरी नहीं यह कोई कविता होगी…

उत्सव का आयोजन

​प्रभात में उमंग है, वायु भी स्वतंत्र है, आज उत्सव के आयोजन में वातावरण स्वच्छंद है। चारों दिशाएं गुंजाल हैं, प्रकृति का भी संग है। सागर की प्रसन्नता तो देखो, कितनी विशाल तरंग है! गगन भी है झूमता आज श्वेत स्वच्छ रंग है। केसरी – से रंग में प्रकाश की किरण लिये सूर्यदेव उदय हुए  अंधकार का हरण किये। वो देखो वन्य जीव को उत्सव के आयोजन में रत हर एक सजीव को मधुर – मधुर ध्वनि से पूर्ण आयोजकों…

भारत का अन्नदाता

सिहरते से आवेग कहीं ज्वालामुखी में लुप्त हो गए हैं, सरसराते से मनोविचार भूकंप के रौद्र रूप से भयभीत हो गए हैं! उफनते सी भावनाएँ, बाढ़ के प्रकोप में बह गयीं हैं, आकाश में आशा की किरण नहीं दिखी, माथे पर शिकन रह गयी है| धैर्य की कच्ची प्राचीर इस बार की बारिश में ढह गई है, प्रकृति रुष्ट है हमसे, शायद सत्कार में कुछ कमी रह गयी है| शासन प्रशासन को सुध बुध नहीं है, कृषि उनके लिए बस…

Thought of the day

सब्जी में थोड़ा मक्खन मिला देने से  उसका स्वाद वर्धित हो जाता है, वहीं मक्खन अधिक मात्रा में हो  जाये तो स्वाद बिगाड़ देता है| यह बात लगभग सभी बातों पर उचित ही बैठेगी| #ShubhankarThinks

Golden thought of life

वक्त बड़ी तेजी से चल रहा है, आपके पास दो विकल्प हैं , या तो ठहर कर जीवन का आनंद लो, या फिर वक्त की चाल में चाल मिला लो| अगर बीच का रास्ता चुना तो, ना काम बचा पाओगे, ना पहचान बना पाओगे|  

Thought of the day

बेशक कितना भी नीचे गिरा ले ,मुझे ऐ तकदीर, लगातार मिली हार से हौसले और भी मजबूत हुए हैं| अब जितनी भी बार कोशिश करूंगा, पहले से कुछ ज्यादा ही उठूँगा|  

प्रेम और हिमपात

आज वातावरण में मिठास सी है, शीत पवन में भी तेरी सुगंध घुली है! मेरे प्रेम की लहरें और भी तीव्र हो उठी हैं, हिमपात की कठिन परिस्थिति में, प्रत्येक शीत अनुभव मुझे, तुम्हारे श्वांस से निकले उष्ण वायु के सुखद अनुभव की याद दिलाता है| तुम पता नहीं कहाँ हो? लगातार ये शीत वायु मुझे स्पर्श करके, तुम्हारे प्रेम की महत्ता का ज्ञान करा रही है| Pic Credit- Google नमस्कार कैसे हैं आप सभी लोग, यह कविता मूल रूप…

Thought of the day

“ नई दिशाओं में प्रयास जरूर लगाना जारी रखिये, हर एक नई दिशा आपके अनुभव और परिचय में दो चार पंक्तियाँ जरूर बढ़ा देगी| ”      

Thought of the day

जिन्दगी तो बुलेट ट्रेन जितनी तेज चलेगी, यह निर्णय आप लेना की आपका स्टेशन कौन सा है और आपको उतरकर रुकना कहां है? #ShubhankarThinks