कोलकाता में 4 साल की बच्ची के साथ घिनौनी हरकत करने वाले शिक्षक के लिए ये पंक्तियाँ मेरे जेहन से निकलती हैं!

मानवता की हदें भी करतीं,
पौरुष की अब निंदा हैं,
ए-नीच तेरे कुकृत्य से
सभी पुरुष शर्मिंदा हैं|