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रंग_ए_चमन -२

 खुदगर्जी का आलम फिर इस कदर छाया एक भाई ने दूसरे भाई का हिस्सा खाया अब खौफ फैल चुका था पूरे वतन में  अब जिन्दगानियों पर रहता था संगीन का साया! रंगएचमन की खुशबू कहीं काफूर हो गयी  इन्सानियत की तस्वीरें अब                   अपने ही घर पर चकनाचूर हो गयी  कौमें भी अपने अलग नशे में चूर हो गयीं रंगएचमन की खुशबू कहीं काफूर हो गयी  बाज के पांव अब सटीक लगे…

Importance  after death

Scene3:-People were sitting around a picture , some people were discussing about his good deeds , some were praising him very much , Relatives were crying with tears and . Scene1-   Mr xyz  is no more now , he was a cancer patient . Bytheway Mr xyz have large family but his son and daughter live in other cities with their families . So he was alone since 10 years. Today at morning time  , his soul left his…

ख्वाब 

​आंखे खोलकर ख्वाब देखो  बडा मजा आयेगाख्वाबों को अरमानों के साथ तौलकर देखो और भी मजा आयेगापूरा करना है जो ख्वाब तुम्हे एक बार खुद से बोलकर देखो मजा आयेगा ! प्यारी सी नींद से आंखे खोलकर देखो फिर मजा आयेगा ! एक बार दिन में जागकर ख्वाब तो देखोबडा मजा आयेगा कुछ करना है अगर अपने ख्वाबों के लिए तो मेहनत के दरवाजों को खोलकर तो देखो बडा मजा आयेगा! कुछ इतिहास के पन्नों को खोलकर देखो सफल लोगों के नजरिये से वक्त के मोल को देखो फिर अपने जीवन…

अंत्येष्टि 

ढोल नगाडों से स्वागत हुआ था , मीठे भोगों से आवाभगत किया था! मां ने  सारा सुख परित्याग किया था, जब उस नन्हे से जीव ने जन्म लिया था || फिर गली मौहल्ले  नापकर चला वो , उठता सम्हलता कभी दौडता चला वो ! कभी सुख  तो कभी दुख में चला वो , जिन्दगी के पथ पर बढता चला वो ! कंधों पर लिए जिम्मेदारी का बोझा , अपने जीवन की गाडी को हांकता चला वो|| कभी बारिश में भीगा…

रिश्तों का दायरा (Scope of relationships)

नमस्कार दोस्तो hello guys  वो कहते हैं ना इन्सान कितनी भी भाषाओं में लिख,बोल व सुन सकता है मगर सोचता अपनी मातृभाषा में ही है| (सबकी बात नहीं कर रहा सिर्फ अपने विचार रख रहा हूं 😁) आज मैं सीधे मुद्दे पर आता हूं , जैसा कि मेरा आज का शीर्षक है रिश्तों का दायरा जैसा कि आप सब अच्छी तरह जानते हैं! रिश्तों का कोई दायरा नहीं होता , चाहे वो बाप बेटे का रिश्ता हो ,चाहे भाई भाई…

रंग_ए_चमन-1

​चैन और सुकून से भरा था मुहल्ला, आवामएहिन्द बडी मौज में रहती थी| महफिलएशायरी करते थे लोग वहां, मुशायरे में होती थीं रौनकें जहां की! कोई शमा मुजलिस में मशगूल होती थी| मुफलिसी में रहते थे वो फकीर वहां के, मगर उनकी बातों में भी अमीरी सी होती थी| हुस्नएअदा थी तहजीब में उनके, तालीम की पहचान भी अदब बातों से होती थी | एक बाज की नजरएबाद थी  बस्ती पर , उसे आवाम के चैन अमन से तकलीफ सी…

Trip To Kota Rajasthan

​Hello everyone I am not travel blogger but today I am going to discuss about my small trip , hope it will help you if in future you go to kota (Rajasthan) One of my sister is preparing for medical exam in Kota so I went there with my cousin brother . My sis did not visit any place there also she was not interested about it as you know  about study freak child 🙂 (because she is preparing for…

100. Followers

Thanks for reading my blogs, please always do comment , likes does not matter . If you find any loophole then frankly do bad comment believe me I love critic .keep writing ,keep reading . Thank you again  And so much love for all WordPress bloggers . I am still learning .  If you want to ask  any question about me , you can ask openly in comment box . 

प्रतिशोध की घडी

​ध्वज को तुम थाम लो, शस्त्र तुम निकाल लो ! मिट्टी को बना मुकुट , मस्तकों पे धार लो ! प्रतिशोध की घड़ी है, अब ये बात मन में ठान लो || जा युद्ध का आह्वान कर, शत्रु को हैरान कर ! गूंज उठे शब्द  गगन में , ऐसा तू गुंजाल कर ! प्रतिशोध की घडी है ये  आज बात मन में गाढ लो || कुछ वीरों का ध्यान कर , कुछ भागवत का सार पढ, कुछ भाव ला क्रोध…