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अन्तिम दृश्य _ भाग-२

​चाचा आप सो गये क्या बैठे – बैठे? रात काफी है, अगर नींद आ रही है तो मैं आपको घर छोड़ आऊं? ” – पीछे से सुधीर बड़े धीमे स्वर में बोला। “नहीं – नहीं! मैं जाग रहा हूं” -एक साथ सकपकाकर कर जमुनादास उठे, जाग तो रहे थे मगर आंखें ऐसे खुली जैसे गहरी नींद से उठे हों!  फिर आंखें मलते हुए बोले – “तुम अकेले रह जाओगे यहां, गम की रातें बहुत लम्बी हो जाती हैं, बेटा! एक…

अन्तिम दृश्य  भाग-१

दृश्य – अस्पताल के एक छोटे  से कमरे में ४ बेड पड़े हुए हैं, उनमें से एक बेड पर शक्ति प्रसाद अचेत – सी अवस्था में जीवन और मृत्यु की लड़ाई बड़ी कठोरता से लड़ रहे हैं। उनके ठीक बगल में उनके छोटे भाई जमुना प्रसाद बहुत गंभीर मुद्रा में कुछ अतीत के साये में घिरे हुए , कुर्सी पर सतर्क बैठे हुए हैं ! कुछ पिछले वर्षों की यादें आज भी उनकी आखों में तार रही हैं। एक समय…

मानवता का पतन

​मानवता का पतन किसी ने बोला जान की कीमतें खूब घटी हैं बड़े अफसोस की बात है साहब  मेरे देश में जान से ज्यादा आबरू लुटी है मुझे  एक क्षण विश्वास नहीं होता था ऐसी बातों पर  मगर ऐसी घटनायें यहां खूब घटी हैं! एक रोज सुबह मुझसे कोई आकर बोला  मैंने झटपट अखबार खोला  मुंह लाल पड़ गया खबरें पढ़कर  फिर मन ही मन खूब बोला! मन में इतनी आग भरी थी अब वो घटना आंखों में हरी –…

रंग_ए_चमन -२

 खुदगर्जी का आलम फिर इस कदर छाया एक भाई ने दूसरे भाई का हिस्सा खाया अब खौफ फैल चुका था पूरे वतन में  अब जिन्दगानियों पर रहता था संगीन का साया! रंगएचमन की खुशबू कहीं काफूर हो गयी  इन्सानियत की तस्वीरें अब                   अपने ही घर पर चकनाचूर हो गयी  कौमें भी अपने अलग नशे में चूर हो गयीं रंगएचमन की खुशबू कहीं काफूर हो गयी  बाज के पांव अब सटीक लगे…

Importance  after death

Scene3:-People were sitting around a picture , some people were discussing about his good deeds , some were praising him very much , Relatives were crying with tears and . Scene1-   Mr xyz  is no more now , he was a cancer patient . Bytheway Mr xyz have large family but his son and daughter live in other cities with their families . So he was alone since 10 years. Today at morning time  , his soul left his…

ख्वाब 

​आंखे खोलकर ख्वाब देखो  बडा मजा आयेगाख्वाबों को अरमानों के साथ तौलकर देखो और भी मजा आयेगापूरा करना है जो ख्वाब तुम्हे एक बार खुद से बोलकर देखो मजा आयेगा ! प्यारी सी नींद से आंखे खोलकर देखो फिर मजा आयेगा ! एक बार दिन में जागकर ख्वाब तो देखोबडा मजा आयेगा कुछ करना है अगर अपने ख्वाबों के लिए तो मेहनत के दरवाजों को खोलकर तो देखो बडा मजा आयेगा! कुछ इतिहास के पन्नों को खोलकर देखो सफल लोगों के नजरिये से वक्त के मोल को देखो फिर अपने जीवन…

अंत्येष्टि 

ढोल नगाडों से स्वागत हुआ था , मीठे भोगों से आवाभगत किया था! मां ने  सारा सुख परित्याग किया था, जब उस नन्हे से जीव ने जन्म लिया था || फिर गली मौहल्ले  नापकर चला वो , उठता सम्हलता कभी दौडता चला वो ! कभी सुख  तो कभी दुख में चला वो , जिन्दगी के पथ पर बढता चला वो ! कंधों पर लिए जिम्मेदारी का बोझा , अपने जीवन की गाडी को हांकता चला वो|| कभी बारिश में भीगा…

रिश्तों का दायरा (Scope of relationships)

नमस्कार दोस्तो hello guys  वो कहते हैं ना इन्सान कितनी भी भाषाओं में लिख,बोल व सुन सकता है मगर सोचता अपनी मातृभाषा में ही है| (सबकी बात नहीं कर रहा सिर्फ अपने विचार रख रहा हूं 😁) आज मैं सीधे मुद्दे पर आता हूं , जैसा कि मेरा आज का शीर्षक है रिश्तों का दायरा जैसा कि आप सब अच्छी तरह जानते हैं! रिश्तों का कोई दायरा नहीं होता , चाहे वो बाप बेटे का रिश्ता हो ,चाहे भाई भाई…

रंग_ए_चमन-1

​चैन और सुकून से भरा था मुहल्ला, आवामएहिन्द बडी मौज में रहती थी| महफिलएशायरी करते थे लोग वहां, मुशायरे में होती थीं रौनकें जहां की! कोई शमा मुजलिस में मशगूल होती थी| मुफलिसी में रहते थे वो फकीर वहां के, मगर उनकी बातों में भी अमीरी सी होती थी| हुस्नएअदा थी तहजीब में उनके, तालीम की पहचान भी अदब बातों से होती थी | एक बाज की नजरएबाद थी  बस्ती पर , उसे आवाम के चैन अमन से तकलीफ सी…