Category: Thoughts

Thought of the day

I collaborated this quote because this is important to represent the both sides of a coin. लड़की वाले ने हर नुक्कड़ पर ज्यादा कमाई करने वाले लड़कों का पता पूछा, फिर शोधकर्ताओं से मंत्रणा करने के बाद , बड़े संस्कारों से एक लड़के वाले के यहाँ बोले- “देखो हम तो लड़के के स्वभाव की तारीफ सुनकर यहाँ आये हैं|”   #ShubhankarThinks    

अन्तर्राष्ट्रीय दिव्यांग दिवस: Motivation Quote

बेशक खुदा ने मुझे तुम सबसे अंग कम दिए हैं, मगर हौसले,मैं तुमसे 100गुने ज्यादा रखता हूँ| तुम निकल ना पाए मोह माया से, और मैं भूगोल विज्ञान के सिद्धांत गढ़ता हूँ|

Thought of the day

जिन्दगी तो बुलेट ट्रेन जितनी तेज चलेगी, यह निर्णय आप लेना की आपका स्टेशन कौन सा है और आपको उतरकर रुकना कहां है? #ShubhankarThinks

Motivational Quotes in Hindi

मेहनत लगती है कल्पनाओं को सच्चाई की तरह पेश करने में, वरना दिल टूटने के बाद शायर तो लगभग सभी बन जाते हैं| चाहे आ जाये कितनी भी विपदा जंग में, होगी बात नहीं कुछ विशेष क्योंकि समर अभी है शेष| चुनौती और असफलता से मैं कब डरा हूँ, मेरे हौसलों से रूह कुछ बेख़ौफ़ हो चुकी है|   #ShubhankarThinks Follow me on YourQuote

वो लड़की 

वो लाड़ली है अपने माँ बाप की , मगर भाई की स्वतंत्रता के आगे , माँ- बाप की ममता उसके लिए फीकी पड़ जाती है! वो जिद्दी है बचपन से ही मगर पराये घर में वो दूसरों को मनाती है, उसे पसंद है, मनमानी करना मगर अब वो दूसरों के मन की बातों को निभाती है| उसकी आदत है, अपने निर्णय स्वयं लेने की मगर अब वो किसी दूसरों के आदेशों को सिर-माथे बिठाती है| कुछ गुण है उसमें औरों…

दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण पर मन की बात, Delhi Smog

नमस्कार कैसे हैं आप सभी लोग? आशा है सभी अच्छे से अपनी जिन्दगी में कुशल-मंगल होंगे, आज के ब्लॉग की अगर मैं बात करूँ आज विषय है दिल्ली के प्रदूषण का, जैसा की किसी भी ब्लॉग के पीछे उद्देश्य होता है, वैसा आज कुछ भी नहीं है, मैं शीर्षक सोचे बिना शुरू करने जा रहा हूँ| जैसा की आप सभी को पता होगा, २०१६ जैसा ग्रेट स्मोग देश की राजधानी दिल्ली में फिर से आ गया है, जिसका मुख्य कारण…

राजनीतिक इश्क़

मैं लाचार सा एक आशिक़ हूँ, हालत मेरी सरकार के भक्तों जैसी है ! अगर याद करूँ वो शुरुआती दिन , जैसे किसी चुनावी तैयारी में गुजर रहे थे, रात और दिन | तब तू रोज मुझसे मिलने आती थी , कसमें वादे रोज़ नए तू खाती थी ! अभी भी रखे हुए हैं , तेरे भेजे हुए सब प्रेमपत्र ! जैसे किसी राजनीतिक पार्टी का हो लुभावना घोषणापत्र| मैं भी भविष्य के सपने बुनता था रात-दिन , मानो मेरी…

आज का विचार

मनुष्य की एक प्रवत्ति होती है की वो हमेशा उन लोगों का ध्यान आकृष्ट करने की जुगत में लगा रहता है, जो उस पर ध्यान नहीं देते| इन सबके बीच वो उन सभी लोगो की अनदेखी कर देता है ,जो उस पर ध्यान देते हैं|

समर शेष है

कठिनाइयों की मारामार, ऊपर से विफलताओं का अचूक प्रहार! निराशाओं से भ्रमित विचार, जैसे रुक गया हो ये संसार||   मस्तिष्क का वो पृष्ठ भाग , कर रहा अलग ही भागम भाग! गति तीव्र हो गयी है रक्त की शिराओं की, दिशाएं भ्रमित हैं रक्तिकाओं की|   ये परिणाम है सब असफलता का, सतत प्रयासों के बाद भी मिल रही विफलता का ! यह बात नहीं अब कोई विशेष है, समर अभी शेष है|   परिस्थितियों ने किये हैं सहस्रों…

घरौंदा

मेरे घर के आँगन में एक बड़ा सा पेड़ है बरगद का, जानवरों को धूप से बचाता है , हम सबको ठंडी छाँव देता है ! इन सबके साथ साथ वो आशियाना है उस नए प्राणी का|   जो अभी बसंत गुजर जाने के बाद यहाँ नई आकर बसी है, वो रहती है, उस बड़े से तने में बने ख़ुफ़िया से खोखले में, जो पिछले २-३ महीने से शैतान गिलहरियों की कारिस्तानी की वजह से बना था !   ये कोई…