Category: Thoughts

वो बूढ़ी मॉं

  वो दानपात्र में लाखों चढ़ा आया मंदिर में जाकर, बस माँ के लिए सर्दी में जूते लाना शायद वो भूल गया था| वो मंदिर में जाके घंटो जय माँ जय माँ रटता चला गया, बस वो अपनी घर में बैठी बूढ़ी माँ को एक बार माँ कहना भूल गया। वो मंदिर में जाके घंटो जय माँ जय माँ रटता चला गया, बस वो अपनी घर में बैठी बूढ़ी माँ को एक बार माँ कहना भूल गया। कल तक जो…

Thought of the day 

कुछ अलग शौक पाल रखे हैं मैंने, नींदें काटकर सपने बुनता हूँ| पढ़ने गये कविता हम शेर-ओ-शायरी के दौर में, मेरी पंक्तियाँ कुचल गयीं, वाहवाही के शोर में| #ShubhankarThinks

Golden thought of life

वक्त बड़ी तेजी से चल रहा है, आपके पास दो विकल्प हैं , या तो ठहर कर जीवन का आनंद लो, या फिर वक्त की चाल में चाल मिला लो| अगर बीच का रास्ता चुना तो, ना काम बचा पाओगे, ना पहचान बना पाओगे|  

Mahadev

भोग विलास का त्याग कर, श्मशानों में तू रहता है और अपनी धुन में मस्त मगन, भांग रगड़ पी लेता है| मैं भी ठहरा तेरा अखंड भक्त, जो बस्ती में एकांत ढूंढ अंतर्मन में रहता है, संसार का मोह भुला के जो खुद अपने में जी लेता है|

Thought of the day

बेशक कितना भी नीचे गिरा ले ,मुझे ऐ तकदीर, लगातार मिली हार से हौसले और भी मजबूत हुए हैं| अब जितनी भी बार कोशिश करूंगा, पहले से कुछ ज्यादा ही उठूँगा|  

आखिर कदम कौन उठायेगा

  मानवता की हदें भी करती, पौरुष की निंदा हैं! ए-नीच तेरे कुकृत्य से सभी पुरुष शर्मिंदा हैं| देख तेरी करतूतों को, हैवानियत की हदें भी करतीं, तेरी कठोर निंदा हैं! जाने कितने फूलों को तूने तोड़ा है, अब मासूम काली को भी नहीं छोड़ा है! तेरा हवस प्रेम देख, दरिंदगी भी तुझ पर कितनी शर्मिंदा है| हाय! तू कैसा दरिंदा है| चिता इन हवस के पुजारियों की जलानी होगी, आग इन व्यभिचारियों को लगानी होगी! कब तलक लुटती रहेंगी…

#Shame Kolkata incident

कोलकाता में 4 साल की बच्ची के साथ घिनौनी हरकत करने वाले शिक्षक के लिए ये पंक्तियाँ मेरे जेहन से निकलती हैं! मानवता की हदें भी करतीं, पौरुष की अब निंदा हैं, ए-नीच तेरे कुकृत्य से सभी पुरुष शर्मिंदा हैं|    

Thought of the day

अगर आप किसी कार्य को पहले की भाँति लगातार करते आ रहे हैं, मगर अब कुछ लोगों ने आपका विरोध करना शुरू कर दिया है! तो मेरा विश्वास मानिये अब आप बिल्कुल सही दिशा में प्रयास लगा रहे हैं|