Category: Thoughts

अकेले बढ़ोगे तो क्या बात होगी

राह में पैर फिसल गया तो क्या हुआ? अगर एक बार बिना सहारे के उठा तो क्या बात होगी| राह-ए- मंज़िल नहीं है आसान तो क्या हुआ? अगर एक बार आगे निकल गया तो फिर क्या बात होगी| रोड़े पड़े हैं राहों में तेरे तो क्या हुआ? गिर गिर के हर बार उठा तो फिर क्या बात होगी| हौसले टूटते हैं कठिनाइयों में तो क्या हुआ? अगर एक बार फिर से तूने हिम्मत जुटा ली तो क्या बात होगी| नाकाम…

Thought of the day 13jan

 नयी बुनियाद में जरूरत थी थोड़ी  पानी की तराई की, साजिशन यह काम एक फ़रेबी कारीगर ने लिया! फिर रोज़ पानी की अतिशयोक्ति की गयी, और ढहा दी गयी वो कच्ची नींव  पर टिकी बुलंद दीवार|

Thought of the day 12Jan

 निकले थे हम भी अकेले ही राहों में, जुनून जोश लिए मन में| फिर कभी उसूलों की रुकावट हुई तो  कहीं तज़ुर्बे ने कुछ राहों पर आगे बढ़ने से रोका| अब देख लो खुद को जमाने की रफ्तार में  खुद को थोड़ा पीछे पाता हूँ|

भारत का अन्नदाता

सिहरते से आवेग कहीं ज्वालामुखी में लुप्त हो गए हैं, सरसराते से मनोविचार भूकंप के रौद्र रूप से भयभीत हो गए हैं! उफनते सी भावनाएँ, बाढ़ के प्रकोप में बह गयीं हैं, आकाश में आशा की किरण नहीं दिखी, माथे पर शिकन रह गयी है| धैर्य की कच्ची प्राचीर इस बार की बारिश में ढह गई है, प्रकृति रुष्ट है हमसे, शायद सत्कार में कुछ कमी रह गयी है| शासन प्रशासन को सुध बुध नहीं है, कृषि उनके लिए बस…

Thought of the day

सब्जी में थोड़ा मक्खन मिला देने से  उसका स्वाद वर्धित हो जाता है, वहीं मक्खन अधिक मात्रा में हो  जाये तो स्वाद बिगाड़ देता है| यह बात लगभग सभी बातों पर उचित ही बैठेगी| #ShubhankarThinks