Category: Social

Thought of the day

अगर आप किसी कार्य को पहले की भाँति लगातार करते आ रहे हैं, मगर अब कुछ लोगों ने आपका विरोध करना शुरू कर दिया है! तो मेरा विश्वास मानिये अब आप बिल्कुल सही दिशा में प्रयास लगा रहे हैं|  

Thought of the day

I collaborated this quote because this is important to represent the both sides of a coin. लड़की वाले ने हर नुक्कड़ पर ज्यादा कमाई करने वाले लड़कों का पता पूछा, फिर शोधकर्ताओं से मंत्रणा करने के बाद , बड़े संस्कारों से एक लड़के वाले के यहाँ बोले- “देखो हम तो लड़के के स्वभाव की तारीफ सुनकर यहाँ आये हैं|”   #ShubhankarThinks    

अन्तर्राष्ट्रीय दिव्यांग दिवस: Motivation Quote

बेशक खुदा ने मुझे तुम सबसे अंग कम दिए हैं, मगर हौसले,मैं तुमसे 100गुने ज्यादा रखता हूँ| तुम निकल ना पाए मोह माया से, और मैं भूगोल विज्ञान के सिद्धांत गढ़ता हूँ|

वो लड़की 

वो लाड़ली है अपने माँ बाप की , मगर भाई की स्वतंत्रता के आगे , माँ- बाप की ममता उसके लिए फीकी पड़ जाती है! वो जिद्दी है बचपन से ही मगर पराये घर में वो दूसरों को मनाती है, उसे पसंद है, मनमानी करना मगर अब वो दूसरों के मन की बातों को निभाती है| उसकी आदत है, अपने निर्णय स्वयं लेने की मगर अब वो किसी दूसरों के आदेशों को सिर-माथे बिठाती है| कुछ गुण है उसमें औरों…

Random Thought

बेवजह बदनाम किया जा रहा है, इन काले बादलों को “जान के खतरे” का इल्जाम लगाकर! वो भी उस शहर में जहाँ के लोग मौत को सुट्टा में लगाकर दिन में दस -बीस बार फूँक लेते हैं ! #shubhankarthinks #delhismog

दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण पर मन की बात, Delhi Smog

नमस्कार कैसे हैं आप सभी लोग? आशा है सभी अच्छे से अपनी जिन्दगी में कुशल-मंगल होंगे, आज के ब्लॉग की अगर मैं बात करूँ आज विषय है दिल्ली के प्रदूषण का, जैसा की किसी भी ब्लॉग के पीछे उद्देश्य होता है, वैसा आज कुछ भी नहीं है, मैं शीर्षक सोचे बिना शुरू करने जा रहा हूँ| जैसा की आप सभी को पता होगा, २०१६ जैसा ग्रेट स्मोग देश की राजधानी दिल्ली में फिर से आ गया है, जिसका मुख्य कारण…

राजनीतिक इश्क़

मैं लाचार सा एक आशिक़ हूँ, हालत मेरी सरकार के भक्तों जैसी है ! अगर याद करूँ वो शुरुआती दिन , जैसे किसी चुनावी तैयारी में गुजर रहे थे, रात और दिन | तब तू रोज मुझसे मिलने आती थी , कसमें वादे रोज़ नए तू खाती थी ! अभी भी रखे हुए हैं , तेरे भेजे हुए सब प्रेमपत्र ! जैसे किसी राजनीतिक पार्टी का हो लुभावना घोषणापत्र| मैं भी भविष्य के सपने बुनता था रात-दिन , मानो मेरी…

आज का विचार

मनुष्य की एक प्रवत्ति होती है की वो हमेशा उन लोगों का ध्यान आकृष्ट करने की जुगत में लगा रहता है, जो उस पर ध्यान नहीं देते| इन सबके बीच वो उन सभी लोगो की अनदेखी कर देता है ,जो उस पर ध्यान देते हैं|

घरौंदा

मेरे घर के आँगन में एक बड़ा सा पेड़ है बरगद का, जानवरों को धूप से बचाता है , हम सबको ठंडी छाँव देता है ! इन सबके साथ साथ वो आशियाना है उस नए प्राणी का|   जो अभी बसंत गुजर जाने के बाद यहाँ नई आकर बसी है, वो रहती है, उस बड़े से तने में बने ख़ुफ़िया से खोखले में, जो पिछले २-३ महीने से शैतान गिलहरियों की कारिस्तानी की वजह से बना था !   ये कोई…