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वो बूढ़ी मॉं

  वो दानपात्र में लाखों चढ़ा आया मंदिर में जाकर, बस माँ के लिए सर्दी में जूते लाना शायद वो भूल गया था| वो मंदिर में जाके घंटो जय माँ जय माँ रटता चला गया, बस वो अपनी घर में बैठी बूढ़ी माँ को एक बार माँ कहना भूल गया। वो मंदिर में जाके घंटो जय माँ जय माँ रटता चला गया, बस वो अपनी घर में बैठी बूढ़ी माँ को एक बार माँ कहना भूल गया। कल तक जो…

Thought of the day 

कुछ अलग शौक पाल रखे हैं मैंने, नींदें काटकर सपने बुनता हूँ| पढ़ने गये कविता हम शेर-ओ-शायरी के दौर में, मेरी पंक्तियाँ कुचल गयीं, वाहवाही के शोर में| #ShubhankarThinks

आखिर कदम कौन उठायेगा

  मानवता की हदें भी करती, पौरुष की निंदा हैं! ए-नीच तेरे कुकृत्य से सभी पुरुष शर्मिंदा हैं| देख तेरी करतूतों को, हैवानियत की हदें भी करतीं, तेरी कठोर निंदा हैं! जाने कितने फूलों को तूने तोड़ा है, अब मासूम काली को भी नहीं छोड़ा है! तेरा हवस प्रेम देख, दरिंदगी भी तुझ पर कितनी शर्मिंदा है| हाय! तू कैसा दरिंदा है| चिता इन हवस के पुजारियों की जलानी होगी, आग इन व्यभिचारियों को लगानी होगी! कब तलक लुटती रहेंगी…

#Shame Kolkata incident

कोलकाता में 4 साल की बच्ची के साथ घिनौनी हरकत करने वाले शिक्षक के लिए ये पंक्तियाँ मेरे जेहन से निकलती हैं! मानवता की हदें भी करतीं, पौरुष की अब निंदा हैं, ए-नीच तेरे कुकृत्य से सभी पुरुष शर्मिंदा हैं|    

Thought of the day

अगर आप किसी कार्य को पहले की भाँति लगातार करते आ रहे हैं, मगर अब कुछ लोगों ने आपका विरोध करना शुरू कर दिया है! तो मेरा विश्वास मानिये अब आप बिल्कुल सही दिशा में प्रयास लगा रहे हैं|  

Thought of the day

I collaborated this quote because this is important to represent the both sides of a coin. लड़की वाले ने हर नुक्कड़ पर ज्यादा कमाई करने वाले लड़कों का पता पूछा, फिर शोधकर्ताओं से मंत्रणा करने के बाद , बड़े संस्कारों से एक लड़के वाले के यहाँ बोले- “देखो हम तो लड़के के स्वभाव की तारीफ सुनकर यहाँ आये हैं|”   #ShubhankarThinks    

अन्तर्राष्ट्रीय दिव्यांग दिवस: Motivation Quote

बेशक खुदा ने मुझे तुम सबसे अंग कम दिए हैं, मगर हौसले,मैं तुमसे 100गुने ज्यादा रखता हूँ| तुम निकल ना पाए मोह माया से, और मैं भूगोल विज्ञान के सिद्धांत गढ़ता हूँ|

वो लड़की 

वो लाड़ली है अपने माँ बाप की , मगर भाई की स्वतंत्रता के आगे , माँ- बाप की ममता उसके लिए फीकी पड़ जाती है! वो जिद्दी है बचपन से ही मगर पराये घर में वो दूसरों को मनाती है, उसे पसंद है, मनमानी करना मगर अब वो दूसरों के मन की बातों को निभाती है| उसकी आदत है, अपने निर्णय स्वयं लेने की मगर अब वो किसी दूसरों के आदेशों को सिर-माथे बिठाती है| कुछ गुण है उसमें औरों…

Random Thought

बेवजह बदनाम किया जा रहा है, इन काले बादलों को “जान के खतरे” का इल्जाम लगाकर! वो भी उस शहर में जहाँ के लोग मौत को सुट्टा में लगाकर दिन में दस -बीस बार फूँक लेते हैं ! #shubhankarthinks #delhismog