Category: Social

एक पत्र : – प्यारे पापा 

यह कविता सत्य घटना पर पूर्णतयः आधारित है, जिसमें मैंने ऐसे गंभीर मुद्दे के साथ न्याय करने का एक छोटा सा प्रयास किया है, इसीलिए आपसे निवेदन है की जरूर पढ़ें | प्यारे पापा , मैं आपकी लाड़ली बेटी, जिसकी फ़िज़ूल की बातें आप बड़े चाव से सुना करते थे, मगर अब तो काम की बातें सुनने के लिए भी आपके कान इजाजत नहीं देते शायद!   खैर ,मैं यह पत्र तंज कसने के लिए नहीं लिख रही, किसी को नीचा दिखाने के…

भारत का अन्नदाता

सिहरते से आवेग कहीं ज्वालामुखी में लुप्त हो गए हैं, सरसराते से मनोविचार भूकंप के रौद्र रूप से भयभीत हो गए हैं! उफनते सी भावनाएँ, बाढ़ के प्रकोप में बह गयीं हैं, आकाश में आशा की किरण नहीं दिखी, माथे पर शिकन रह गयी है| धैर्य की कच्ची प्राचीर इस बार की बारिश में ढह गई है, प्रकृति रुष्ट है हमसे, शायद सत्कार में कुछ कमी रह गयी है| शासन प्रशासन को सुध बुध नहीं है, कृषि उनके लिए बस…

वो बूढ़ी मॉं

  वो दानपात्र में लाखों चढ़ा आया मंदिर में जाकर, बस माँ के लिए सर्दी में जूते लाना शायद वो भूल गया था| वो मंदिर में जाके घंटो जय माँ जय माँ रटता चला गया, बस वो अपनी घर में बैठी बूढ़ी माँ को एक बार माँ कहना भूल गया। वो मंदिर में जाके घंटो जय माँ जय माँ रटता चला गया, बस वो अपनी घर में बैठी बूढ़ी माँ को एक बार माँ कहना भूल गया। कल तक जो…

Thought of the day 

कुछ अलग शौक पाल रखे हैं मैंने, नींदें काटकर सपने बुनता हूँ| पढ़ने गये कविता हम शेर-ओ-शायरी के दौर में, मेरी पंक्तियाँ कुचल गयीं, वाहवाही के शोर में| #ShubhankarThinks

आखिर कदम कौन उठायेगा

  मानवता की हदें भी करती, पौरुष की निंदा हैं! ए-नीच तेरे कुकृत्य से सभी पुरुष शर्मिंदा हैं| देख तेरी करतूतों को, हैवानियत की हदें भी करतीं, तेरी कठोर निंदा हैं! जाने कितने फूलों को तूने तोड़ा है, अब मासूम काली को भी नहीं छोड़ा है! तेरा हवस प्रेम देख, दरिंदगी भी तुझ पर कितनी शर्मिंदा है| हाय! तू कैसा दरिंदा है| चिता इन हवस के पुजारियों की जलानी होगी, आग इन व्यभिचारियों को लगानी होगी! कब तलक लुटती रहेंगी…

#Shame Kolkata incident

कोलकाता में 4 साल की बच्ची के साथ घिनौनी हरकत करने वाले शिक्षक के लिए ये पंक्तियाँ मेरे जेहन से निकलती हैं! मानवता की हदें भी करतीं, पौरुष की अब निंदा हैं, ए-नीच तेरे कुकृत्य से सभी पुरुष शर्मिंदा हैं|    

Thought of the day

अगर आप किसी कार्य को पहले की भाँति लगातार करते आ रहे हैं, मगर अब कुछ लोगों ने आपका विरोध करना शुरू कर दिया है! तो मेरा विश्वास मानिये अब आप बिल्कुल सही दिशा में प्रयास लगा रहे हैं|