Category: Motivational

Thought of the day 12Jan

 निकले थे हम भी अकेले ही राहों में, जुनून जोश लिए मन में| फिर कभी उसूलों की रुकावट हुई तो  कहीं तज़ुर्बे ने कुछ राहों पर आगे बढ़ने से रोका| अब देख लो खुद को जमाने की रफ्तार में  खुद को थोड़ा पीछे पाता हूँ|

सपने क्या होते हैं?

​सपने क्या होते हैं? अगर शाम ढले बेफ़िक्र होकर , लजीज़ खाना खाकर, पंखा कूलर या फिर ऐसी की ठंडी हवा में , मख़मली से आराम गद्दों पर, बड़े चैन की नींद सो जाते हो आप! तो क्या खाक सपने देखोगे आप? सपने वो होते हैं जो रातों की नींदें उड़ा दें, चैन सुकून को तुम्हारा दुश्मन बता दें, और इस शांत से दिमाग में कोलाहल मचा दें| सपने वो नहीं जिन्हें सुबह आंखें खुलते ही भूल जाओ, सपने वो…