Category: Motivation

Thought of the day

आप अपनी जिंदगी को सुधार कर समतल बनाने की कोशिश में हो तो शायद आप गलत जा रहे हो, बेहतरी होगी अगर खुद को इस तरह से ढाल लो कि जिंदगी की वक्र चाल से आपकी मित्रता हो जाये #ShubhankarThinks

अकेले बढ़ोगे तो क्या बात होगी

राह में पैर फिसल गया तो क्या हुआ? अगर एक बार बिना सहारे के उठा तो क्या बात होगी| राह-ए- मंज़िल नहीं है आसान तो क्या हुआ? अगर एक बार आगे निकल गया तो फिर क्या बात होगी| रोड़े पड़े हैं राहों में तेरे तो क्या हुआ? गिर गिर के हर बार उठा तो फिर क्या बात होगी| हौसले टूटते हैं कठिनाइयों में तो क्या हुआ? अगर एक बार फिर से तूने हिम्मत जुटा ली तो क्या बात होगी| नाकाम…

Thought of the day 12Jan

 निकले थे हम भी अकेले ही राहों में, जुनून जोश लिए मन में| फिर कभी उसूलों की रुकावट हुई तो  कहीं तज़ुर्बे ने कुछ राहों पर आगे बढ़ने से रोका| अब देख लो खुद को जमाने की रफ्तार में  खुद को थोड़ा पीछे पाता हूँ|

एक पत्र : – प्यारे पापा 

यह कविता सत्य घटना पर पूर्णतयः आधारित है, जिसमें मैंने ऐसे गंभीर मुद्दे के साथ न्याय करने का एक छोटा सा प्रयास किया है, इसीलिए आपसे निवेदन है की जरूर पढ़ें | प्यारे पापा , मैं आपकी लाड़ली बेटी, जिसकी फ़िज़ूल की बातें आप बड़े चाव से सुना करते थे, मगर अब तो काम की बातें सुनने के लिए भी आपके कान इजाजत नहीं देते शायद!   खैर ,मैं यह पत्र तंज कसने के लिए नहीं लिख रही, किसी को नीचा दिखाने के…