जन्म वगरह का तो कुछ याद नहीं कुछ , आपने भी बाकी सबकी तरह मेरे लिए दर्द सहा होगा ! हाँ उन दिनों को याद करके, मुझे आज भी हंसी आती है! जब मुझे जबरदस्ती पकड़कर दाल पिलाई जाती थी | जो मुझे तब बिल्कुल पसंद नहीं थी | शब्द ज्ञान , मात्रा , लेख सब कुछ सिखाया था, अगर गलती करो तो डाँट भी लगाई जाती थी ! और जब मेरा दाखिला हुआ तो रोज शाम को स्कूल से…