Category: Kavita

अकेले बढ़ोगे तो क्या बात होगी

राह में पैर फिसल गया तो क्या हुआ? अगर एक बार बिना सहारे के उठा तो क्या बात होगी| राह-ए- मंज़िल नहीं है आसान तो क्या हुआ? अगर एक बार आगे निकल गया तो फिर क्या बात होगी| रोड़े पड़े हैं राहों में तेरे तो क्या हुआ? गिर गिर के हर बार उठा तो फिर क्या बात होगी| हौसले टूटते हैं कठिनाइयों में तो क्या हुआ? अगर एक बार फिर से तूने हिम्मत जुटा ली तो क्या बात होगी| नाकाम…

चिंगारी उठी कोई ,जल उठा शहर मेरा!

​चिंगारी उठी कोई फिर , छिट पुट सी बातों में जलने लगा शहर मेरा ! ना होश है उन्हें अपनों का ,  ना रहा कोई तेरा मेरा | किसी ने बीच में जाकर सभी से प्रश्न ये पूछा ? “क्या यही सिखलाता है मजहब – धर्म तेरा ?” मचलकर लोग गुस्से में तुनक कर गुमान से बोले  “ये शुरुआत थी अभी तक कि , हम पूरा जहाँ जला देंगे !” बड़ा विचलित हुआ वो सुनकर फिर भयभीत से कठोर स्वर…

सपने क्या होते हैं?

​सपने क्या होते हैं? अगर शाम ढले बेफ़िक्र होकर , लजीज़ खाना खाकर, पंखा कूलर या फिर ऐसी की ठंडी हवा में , मख़मली से आराम गद्दों पर, बड़े चैन की नींद सो जाते हो आप! तो क्या खाक सपने देखोगे आप? सपने वो होते हैं जो रातों की नींदें उड़ा दें, चैन सुकून को तुम्हारा दुश्मन बता दें, और इस शांत से दिमाग में कोलाहल मचा दें| सपने वो नहीं जिन्हें सुबह आंखें खुलते ही भूल जाओ, सपने वो…

सारे जहाँ से अच्छा हिन्दोस्तां हमारा !

​विस्फोटकों के डर से, सेना हटती नहीं हमारी! अरि दल की  साजिशों से , गति रुकती नहीं हमारी! अवशेष ,संस्कृति से , दृष्टि हटती नहीं हमारी ! अपवाद बंदिशों से , छवि डिगती नहीं हमारी ! कुछ खास है हममें , की हस्ती मिटती नहीं हमारी ! सारे जहाँ से अच्छा हिन्दोस्तां हमारा || आदर्श देख इसके  लोग सुदूर से आते हैं , विचार देख इसके, चकित रह जाते हैं! सत्कार देख यहां का, वो यहीं  बस जाते हैं !…

Surrender 

Good morning guys how are you all ,I hope you all are doing well, I am pleased to inform you that one of my poem has been featured on hubpages so please do read and give your honest feedback – https://hubpages.com/literature/surrender1 Thanks

बातों को बातों में ही रहने दो !

​आशियाना किसको नहीं भाता ?सबको भाता है , तुम्हें नए नए आशियाने भाते हैं , और मुझे अच्छे लगते हैं  पुराने मकान! तुम हर्षोल्लास के साथ नये नये स्थानों पर रहो, मेरा क्या?मैं ठहरा हठी ! मुझे तुम उसी पुराने मकान में रहने दो ! वो अठखेलियाँ,वार्तालाप सब भूतकाल की बातें हैं , अब उन सब बातों को सिर्फ बातें ही रहने दो | हिंदी चलचित्र पटकथा के समान तुम्हारे इस प्रेम प्रसंग में, प्रेमी नायक का किरदार मैं नहीं निभा…

कच्चे मकान!

​दशक डेढ़ दशकों में कुछ बदलाव मेरे गांव में हुए हैं , वो कच्चे मिट्टी वाले मकान अब पक्के हो गए हैं ! बदलाव भी बड़ी गज़ब प्रक्रिया है , अब देखो! मकान तो सारे के सारे पक्के हो गए मगर रिश्ते-नाते , विश्वास और मेलजोल ये सब कच्चे हो गए ! कभी खेला करते थे जिस शैतानों की टोली में , आज व्यस्त और समझदार वो सब बच्चे हो गए | कुछ अपनापन सा था उन कच्चे मकानों में,…

मेरी माँ

जन्म वगरह का तो कुछ याद नहीं कुछ , आपने भी बाकी सबकी तरह मेरे लिए दर्द सहा होगा ! हाँ उन दिनों को याद करके, मुझे आज भी हंसी आती है! जब मुझे जबरदस्ती पकड़कर दाल पिलाई जाती थी | जो मुझे तब बिल्कुल पसंद नहीं थी | शब्द ज्ञान , मात्रा , लेख सब कुछ सिखाया था, अगर गलती करो तो डाँट भी लगाई जाती थी ! और जब मेरा दाखिला हुआ तो रोज शाम को स्कूल से…

प्रेम पत्र २(पत्र का जवाब)

जैसा आपने पिछले पत्र में पढा था कि प्रेमिका रूठकर व्यंगपूर्ण पत्र लिखती है और जब यह पत्र उसके प्रेमी को मिलता है तो वो अपनी प्रेमिका को मनाने और भरोसा दिलाने के मकसद से पत्र का प्रेमपूर्ण जवाब लिखता है मगर मस्तिष्क में चलते गणित के कारण कैसे उसके विचार पत्र के माध्यम से निकलते हैं पढ़िए – IMG source – http://i.huffpost.com/gen/1178281/images/o-LETTER-TO-EX-facebook.jpg प्रेमी  अपनी प्रेमिका से – प्रेमिका मेरी ओ प्राण प्यारी! तुम्हे एक पल हृदय से ना दूर किया…

प्रेम पत्र-1

 एक प्रेमिका का प्रेमी  को    पत्र-   एक प्रेमी युगल उच्च शिक्षा के लिए एक दूसरे से बिछड़ जाता है ! प्रेमिका ने पास के ही एक कॉलेज में BA  में दाखिला लिया है और प्रेमी को दूसरे शहर इसलिए जाना पड़ता है क्योंकि पास के कॉलेज में B.Sc Mathmetics नहीं थी |अब दोनों को गए आधा वर्ष बीत गया इस बीच दोनों की ना कोई बात हुई ,ना कोई मिलाप हुआ ! आखिर होता भी कैसे उस जमाने में…