Category: Collaborations

वो बूढ़ी मॉं

  वो दानपात्र में लाखों चढ़ा आया मंदिर में जाकर, बस माँ के लिए सर्दी में जूते लाना शायद वो भूल गया था| वो मंदिर में जाके घंटो जय माँ जय माँ रटता चला गया, बस वो अपनी घर में बैठी बूढ़ी माँ को एक बार माँ कहना भूल गया। वो मंदिर में जाके घंटो जय माँ जय माँ रटता चला गया, बस वो अपनी घर में बैठी बूढ़ी माँ को एक बार माँ कहना भूल गया। कल तक जो…

प्रेम और हिमपात

आज वातावरण में मिठास सी है, शीत पवन में भी तेरी सुगंध घुली है! मेरे प्रेम की लहरें और भी तीव्र हो उठी हैं, हिमपात की कठिन परिस्थिति में, प्रत्येक शीत अनुभव मुझे, तुम्हारे श्वांस से निकले उष्ण वायु के सुखद अनुभव की याद दिलाता है| तुम पता नहीं कहाँ हो? लगातार ये शीत वायु मुझे स्पर्श करके, तुम्हारे प्रेम की महत्ता का ज्ञान करा रही है| Pic Credit- Google नमस्कार कैसे हैं आप सभी लोग, यह कविता मूल रूप…