Category: Blogging

Random Thought

बेवजह बदनाम किया जा रहा है, इन काले बादलों को “जान के खतरे” का इल्जाम लगाकर! वो भी उस शहर में जहाँ के लोग मौत को सुट्टा में लगाकर दिन में दस -बीस बार फूँक लेते हैं ! #shubhankarthinks #delhismog

दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण पर मन की बात, Delhi Smog

नमस्कार कैसे हैं आप सभी लोग? आशा है सभी अच्छे से अपनी जिन्दगी में कुशल-मंगल होंगे, आज के ब्लॉग की अगर मैं बात करूँ आज विषय है दिल्ली के प्रदूषण का, जैसा की किसी भी ब्लॉग के पीछे उद्देश्य होता है, वैसा आज कुछ भी नहीं है, मैं शीर्षक सोचे बिना शुरू करने जा रहा हूँ| जैसा की आप सभी को पता होगा, २०१६ जैसा ग्रेट स्मोग देश की राजधानी दिल्ली में फिर से आ गया है, जिसका मुख्य कारण…

आज का विचार-2

  आप तब तक नहीं हारते जब तक आप खुद को हारा हुआ महसूस नहीं करने लगते इसलिए हमेशा खुद को जीत के लिए प्रोत्साहित करें! जिस दिन भी आप कामयाब हुए उस दिन कोई आपकी असफलताओं की गिनती नहीं करने बैठेगा, तब सारे लोग आपकी सफलता की प्रशंषा कर रहे होंगे| Shubhankar Thinks

Scientific reasons behind Hindu Rituals

Hinduism is the world’s oldest living religion and there are thousands of customs & traditions. Most of us really don’t know what is the scientific reason behind them even we have no idea about it. 1-Blowing Shankha(Conch shell)- In Hinduism, According to our ancient scriptures that Puranas, the shank originated during the Churning of the ocean (Samudra Manthan) by the Deities and Shri Vishnu held it in the form of weapon. As per a holy verse which is regularly chanted…

राजनीतिक इश्क़

मैं लाचार सा एक आशिक़ हूँ, हालत मेरी सरकार के भक्तों जैसी है ! अगर याद करूँ वो शुरुआती दिन , जैसे किसी चुनावी तैयारी में गुजर रहे थे, रात और दिन | तब तू रोज मुझसे मिलने आती थी , कसमें वादे रोज़ नए तू खाती थी ! अभी भी रखे हुए हैं , तेरे भेजे हुए सब प्रेमपत्र ! जैसे किसी राजनीतिक पार्टी का हो लुभावना घोषणापत्र| मैं भी भविष्य के सपने बुनता था रात-दिन , मानो मेरी…

आज का विचार

मनुष्य की एक प्रवत्ति होती है की वो हमेशा उन लोगों का ध्यान आकृष्ट करने की जुगत में लगा रहता है, जो उस पर ध्यान नहीं देते| इन सबके बीच वो उन सभी लोगो की अनदेखी कर देता है ,जो उस पर ध्यान देते हैं|

समर शेष है

कठिनाइयों की मारामार, ऊपर से विफलताओं का अचूक प्रहार! निराशाओं से भ्रमित विचार, जैसे रुक गया हो ये संसार||   मस्तिष्क का वो पृष्ठ भाग , कर रहा अलग ही भागम भाग! गति तीव्र हो गयी है रक्त की शिराओं की, दिशाएं भ्रमित हैं रक्तिकाओं की|   ये परिणाम है सब असफलता का, सतत प्रयासों के बाद भी मिल रही विफलता का ! यह बात नहीं अब कोई विशेष है, समर अभी शेष है|   परिस्थितियों ने किये हैं सहस्रों…

घरौंदा

मेरे घर के आँगन में एक बड़ा सा पेड़ है बरगद का, जानवरों को धूप से बचाता है , हम सबको ठंडी छाँव देता है ! इन सबके साथ साथ वो आशियाना है उस नए प्राणी का|   जो अभी बसंत गुजर जाने के बाद यहाँ नई आकर बसी है, वो रहती है, उस बड़े से तने में बने ख़ुफ़िया से खोखले में, जो पिछले २-३ महीने से शैतान गिलहरियों की कारिस्तानी की वजह से बना था !   ये कोई…

धनतेरस का महत्व,तिथि , पौराणिक कथाएँ

नमस्कार , कैसे हैं आप सभी लोग ? जैसा की आप सभी उत्सव की तैयारियों में व्यस्त होंगे , आप सभी को पता होगा दीवाली  अकेला उत्सव नहीं है! इसके साथ में ३-४ उत्सव और भी मनाए जाते हैं ,उन्हीं में से एक प्रारंभिक उत्सव है धनतेरस , जिसके बारे में मैं ये ब्लॉग लिखने जा रहा हूँ आशा है ,आपको कुछ नया जानने को मिले या फिर आपकी कुछ स्मृतियां ताज़ा हो जाएं तो शुरू करते हैं – प्रस्तावना…