वो लाड़ली है अपने माँ बाप की ,

मगर भाई की स्वतंत्रता के आगे ,

माँ- बाप की ममता उसके लिए फीकी पड़ जाती है!

वो जिद्दी है बचपन से ही मगर पराये घर में वो दूसरों को मनाती है,

उसे पसंद है, मनमानी करना मगर अब वो दूसरों के मन की बातों को निभाती है|

उसकी आदत है, अपने निर्णय स्वयं लेने की मगर अब वो किसी दूसरों के आदेशों को सिर-माथे बिठाती है|

कुछ गुण है उसमें औरों से खास ,

कभी बेटी, बहन , पत्नी तो कभी माँ का किरदार,

सब बखूबी निभाती है|

इतना त्याग करने के बावजूद भी उसकी अहमियत लोगों को समझ क्यों नहीं आती है ?


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