एक तू है और एक मैं हूँ इस रिश्ते में 

मेरे लिए तू ही सब कुछ होती है 

मेरी हर बात में सिर्फ तू होती है 

मगर अफ़सोस मैं कैसे जताऊं 

इस तू तू मैं मैं का हाल कैसे समझाऊ 

क्योंकि तेरे लिए मैं ज्यादा जरूरी है सारे जमाने से 

 ज्यादा
तेरे इस मैं में तेरा स्वार्थ छिपा है 

मेरे लिए तू में मेरा मैं छुपा है 

इसीलिए तू ,तू है आज भी 

और मैं तो आज भी मैं हूँ