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Introduction

Hello, Welcome to my new blog, I know this is not my first post still, as I noticed, Many fellow bloggers of mine didn’t recognize my new blog so  I would like to feature this post for introduction purpose – My name is Shubhankar Sharma(as my domain says), I am a software engineering student by profession, a web and an Android app developer by choice, a good reader, and a writer as well. I have been blogging on WordPress for…

Independence Day Special: मानसिक गुलामी से आजादी कैसे पायें?

नमस्कार दोस्तों आप सभी को स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनायें| आजादी के पर्व के इस पावन मौके पर मानसिक गुलामी से आजादी के विषय में कुछ विचार आप सभी के समक्ष रखने जा रहा हूँ| आशा है आप समय देकर पढ़ेंगे| प्रस्तावना –                           15 अगस्त 1947 यह तिथि सभी को अच्छे से याद है क्योंकि इस दिन लगभग 800 वर्षों की गुलामी झेल रहे भारत को पूर्ण रूप से आजादी मिली थी| उस दिन से आज तक हम प्रतिवर्ष…

नीलकंठ

कैलाश के उच्चतम शिखर पर, अग्नि में तप वो कर रहा है, कौन है वो अद्भुत-अदृश्य, दिन-रात जिसे वो जप रहा है। विकराल सा वो विष पिये, शांत खुद को रख रहा है, तीव्र जटिल और जग विनाशी, काल मुख में भर रहा है। महादेव ही है सबका संरक्षक, सिद्ध इसे वो कर रहा है, अस्त-व्यस्त केश, त्रिनेत्र धारी, भीषण आपदा को वश में कर रहा है। Pic Credit #ShubhankarThinks

व्यंग : दुनिया भरी हुई है गधों से

दुनिया भरी हुई है गधों से, कुछ अच्छे गधे, कुछ बुरे गधे! कुछ सच्चे गधे तो कुछ बेईमान। कुछ घोड़े की शक्ल में, तो कुछ कम अक्ल हैं। कुछ खच्चर बने हैं तो कुछ शेरों से तने हैं। कुछ समझदार हैं गधे तो कुछ जाहिल गँवार गधे। कुछ ज्यादा बोलते हैं तो कुछ बोलने से पहले तौलते हैं। कुछ गधों का जमाने में खौफ है तो कुछ गधे बड़े डरकोप हैं। कुछ गधे सबके काम बनाते हैं तो कुछ बस…

गरीबी vs सर्वशिक्षा अभियान

दरअसल मेरे भी मन में कई बार आता है की ये छोटे बच्चे काम क्यों करते हैं!आखिर सरकार इन्हें पढाने के लिए सर्व शिक्षा अभियान के अंतर्गत क्या कुछ नहीं करती है। ज्यादा इमोशनल मोड़ देना मुझे नहीं आता है मगर मैंने भुट्टे वाले 10 साल के लड़के से हँसते हुए ही पूछा “तू पढ़ने नहीं जाता क्या?” वो चहककर बोला गर्मी की छुट्टी चल रही हैं। मैंने पूछा अगर स्कूल खुल गए तब क्या करेगा? उसने बड़े कॉन्फिडेंस के…

जिस्मानी मोहब्बत !Erotica

Declaimer- Strictly 18+ content, read at your own risk. रूह की मौजूदगी क्या कर पायेगी, जिस्मों की सनसनी जब महफ़िल जमायेगी। हैं तैयार दो बदन रुख़सत की शिरकत में, हवस तौर से उतरेगी मोहब्बत की कसरत में। गुनाह माफ़ कर देना अब इनसे तौबा ना होगी, जिस्मानी हसरतें अब हौव्वा ना होगी। लगाकर जाम होठों पर, शौक से मयकशी होगी, फ़ेंक कर लिबास कोने में खूब बेकदरी होगी। जिस्म ऐसे चिपक जाए, जैसे गोंद से जोड़ दिए हों, बदन ऐसे…

Thought of the day 8may

कई बार होता यह है कि हम क्रोध में आकर या फिर किसी बात को बिना जाने ही निर्णय लेने की कोशिश करते हैं|जो कई बार आपकी लड़ाई करा देता है अथवा लोगों को आपके खिलाफ करा देता है। क्योंकि आपके द्वारा गुस्से में लिए हुए निर्णय की चपेट में कई बार वो लोग भी आ जाते हैं , जो अपनी जगह ठीक होते हैं। इसलिए कोई भी बात बोलने से पहले या फिर निर्णय लेने से पहले खुद की…

Thought of the day

आप अपनी जिंदगी को सुधार कर समतल बनाने की कोशिश में हो तो शायद आप गलत जा रहे हो, बेहतरी होगी अगर खुद को इस तरह से ढाल लो कि जिंदगी की वक्र चाल से आपकी मित्रता हो जाये #ShubhankarThinks

जिंदगी का निर्देशन

जिंदगी सही खेल खेलती है हमारे साथ, वो आपको मजबूर करती है कि आप दूसरों की जिंदगी में दखल दो और ऐसी दखल जिसे करने से आपको भी परेशानी हो और दूसरा इंसान आपसे नफरत करने लगे। खासकर ऐसा काम मिलता है उन लोगों को जिन्हें दूसरों के जीवन में दखलंदाजी करने का रत्ती भर भी शौक नहीं है, जिंदगी ये काम देती है उस इंसान को जिसे खुद के जीवन में भी किसी की दखल पसंद नहीं और वह…

बेमेल प्रेम

जंगल जंगल भटका करूँ , मेरा कोई भव्य निवास नहीं! भूत प्रेत के बीच रहा करूँ, यहाँ इंसानों का वास नहीं| तू महलों की राजकुमारी, तुझे कठिनाई का आभास नहीं| तूने शाही महल में आराम किया है, तुझे पहाड़ों के संकट ज्ञात नहीं| तू मखमल बिस्तर पर सोने वाली, तुझे जमीन पर सोने का अभ्यास नहीं| देख पार्वती तू बात माना कर, मेरे साथ विवाह की हठ ना कर| तू सुख सुविधा की है अधिकारी, मेरी हालत देख सब बोलें…